टेरिडोफाइटा वर्ग का मुख्य पौधा बीजाणु उद्भिद् (sporophyte) होता है जिसमें प्रायः जड़, पत्ती तथा स्तम्भ उपस्थित होते हैं।
जैव उर्वरक (Biofertilizer) के रूप में– एजोला नामक टेरिडोफाइटा के अन्दर ऐनाबिना ऐजोली (Anabaena azollae) नामक नीली हरी शैवाल वास करती है।
सजावट के लिए (Ornamental) – लाइकोपोडियम (ground pines) तथा सैलाजिनेला (spike mosses) का उपयोग सजावट के लिए किया जाता है।
खाद्य पदार्थ के रूप में (As food)– इसके अंतर्गत आने वाले पौधे क्विलर्ट्स (आइसोइट्स – Isoetes) के घनकन्द (corms), मनुष्यों, पालतू व जंगली जन्तुओं द्वारा खाये जाते हैं।
जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel) –टेरिडोफाइट्स जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) के जमा होने में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। आदि काल में विशाल हार्सटेल्स (giant horsetails), क्लब मौस, आदि दलदली वनस्पति (swampy vegetation) का प्रमुख अंश थे।
जीव नाशक (Pesticide) के रूप में- टेरिडोफाइटा वरुण के अंतर्गत आने वाले लाइकोपोडियम (Lycopodium) की अनेक जातियाँ नाइट्रोजन युक्त रसायन (alkaloids) बनाती हैं जो विष का कार्य करता है।