कॉडेंट्स क्या है आइये जानते इन लक्षणों द्वारा
Chordate संघ के जंतु द्विपार्वीय (bipeds) होते हैं।
इनमें जीवनभर शरीर को सहारा देने के लिए एक लम्बी, लचीली व दृढ़ अन्तःकंकालीय (endoskeletal) मेरुदण्ड या नोटोकॉर्ड (notochord) उपस्थिति होती हैं।
मेरुदण्ड या नोटोकॉर्ड (notochord) की उपस्थिति इसका एक मूल लक्षण होता है।
कॉर्डेटा संघ के जीव भूमि पर, जल या वायु में रहते हैं तथा संसारभर में पाए जाते हैं।
इसके अंतर्गत मछलियाँ, मेंढक, छिपकलियाँ, सर्प, पक्षी, चूहे, मनुष्य, पालतू पशु, आदि आते हैं।
इस संघ के जन्तु नॉनकॉर्डेट (nonchordate) जन्तुओं से अधिक विकसित और बड़े होते हैं।
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कॉर्डेटा संघ के जंतुओं में, शरीर के अधरभाग में स्पष्ट, पेशीयुक्त हृदय होता है।
कॉर्डेटा में अधिक विकसित रुधिर परिसंचरण तन्त्र (closed blood vascular system) होता हैं जो बन्द प्रकार का होता हैं।
कॉर्डेटा के रुधिर में red respiratory pigment पाया जाता है जिसे हीमोग्लोबिन (hemoglobin) कहते है।