परीक्षण : परीक्षण व्यक्ति के व्यवहारिक अध्ययन साधन है जो उसे समझने में सहायक होता है। इसके अंतर्गत व्याक्त की मानसिक प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाता है ।
एक अच्छे परीक्षण की विशेषताओं को दो प्रकार की कसौटियों पर जाँचा जा सकता है-1. व्यवहारिक कसौटियाँ (Bractical Criteria) 2. तकनीकी कसौटियाँ (Technical Criteria)
1. आरोपण की सरलता (Ease of Application): परीक्षण को परीक्षार्थियों पर प्रशासित करने के लिए अधिक सावधानियों की आवश्यकता नहीं होती है।
व्यवहारिक कसौटियाँ
2. समय (Time): परीक्षण के लिए उपलब्ध समय सदैव सीमित होता है।
3. उददेश्यपूर्ण (Purpasive): किसी भी परीक्षण को प्रशासित करने से पहले, यह देख लेना चाहिए कि क्या ये उन उद्देश्यों को पूरा कर रहा है जिसके आधार पर हमें निर्णय लेना है।
4. फलांकन की सरलता (Ease of Scoring): एक मनोवैज्ञानिक अकेले किसी परीक्षण का मूल्यांकन नहीं कर सकता है।