आँख एवं कैमरा (Eye and Camera) में समानताएं और भिन्नताऐं
1. आँख एवं कैमरा (Eye and Camera) में समानताएँ:
आँख का दृढ़पटल (sclerotic) कैमरे के बक्से या बाहरी ढाँचे के समान है जो आँख की रक्षा करता है और उसे दृढ़ता प्रदान करता है।
कैमरे के ढाँचे या फ्रेम की दीवारें भीतर से काली होती हैं, उसी तरह आँख का रक्तकपटल (कोरॉयड) भी काले या भूरे रंग का होता है।
आँखों का उपतारा तथा पुतली कैमरे के डायाफ्राम की भाँति तथा पलकें कैमरे के शटर (shutter) का कार्य करती हैं।
कैमरे के लेन्स के समान प्रकाश की किरणों को फोकस करने के लिए आँख में भी एक लेन्स तथा एक जीवित फिल्म या नेगेटिव फिल्म के रूप में रेटिना होता है जिस पर वस्तु का उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है।
आँख एक साधारण कैमरे से बहुत अधिक जटिल एवं दक्ष होती है। इसका फोकस बदलने के लिए कैमरे के समान लेन्स और फिल्म के बीच की दूरी को नहीं बदलना पड़ता अपितु लेन्स की वक्रता (curvature) को बदलकर उसकी फोकस दूरी बदली जाती है।
नेत्र की फिल्म (रेटिना) को बार-बार बदलना नहीं पड़ता वरन् उसी रेटिना (दृष्टिपटल) पर बारम्बार प्रतिबिम्ब बनते रहते है। जबकि कैमरे की फिल्म को बार बार बदलना पड़ता है।
आँख में रंगीन प्रतिबिम्ब बनते हैं। अतः आँख को टैक्नीकलर मूवी कैमरा कहा जाता है।