Black Coral समुद्र में पाए जाने वाले अनोखे जीव हैं। ये पौधे नहीं, बल्कि हजारों छोटे polyps से बनी समुद्री जीवों की कॉलोनियां हैं। इनका इतिहास बेहद प्राचीन है।
Black Coral का कंकाल गहरे रंग का और प्रोटीनयुक्त होता है। इसकी शाखाओं पर छोटे कांटेनुमा उभार होते हैं। जीवित Black Coral का रंग हमेशा काला हो, यह जरूरी नहीं है।
Black Coral दुनिया के कई महासागरों में पाए जाते हैं। इन्हें लगभग 3 मीटर से लेकर 8,900 मीटर तक की गहराई में दर्ज किया गया है। कुछ प्रजातियां गहरे समुद्र में भी रहती हैं।
Black Coral बहुत धीमी गति से बढ़ते हैं। कुछ coral colony की आयु लगभग 4,265 वर्ष आंकी गई थी। इनके कंकाल के समुद्र के पुराने पर्यावरण के संकेत भी मिलते हैं।
साल 2012 में चीन के हुबेई क्षेत्र की चट्टानों से लगभग 47 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्मों की रिपोर्ट सामने आई। इन्हें प्राचीन Black Coral से संबंधित माना गया, जिससे इनके विकासवादी इतिहास को समझने में मदद मिली।
7 अप्रैल 2025 को Communications Biology में प्रकाशित अध्ययन ने Black Coral के शुरुआती विकास पर नई जानकारी दी। चीन के Shaanxi क्षेत्र के जीवाश्मों से Sterictopathidae नामक नई जीवाश्म फैमिली का वर्णन किया गया।
अगस्त 2026 में वैज्ञानिकों ने Eidikopathidae नामक नई फैमिली मिली। यह खोज बताती है कि गहरे समुद्र में Black Coral की विविधता अभी पूरी तरह ज्ञात नहीं है।
Black Coral के छोटे पॉलीप्स समुद्री पानी में मौजूद प्लवक और जैविक कणों को पकड़कर भोजन प्राप्त करते हैं। उनकी शाखायुक्त संरचना पानी के प्रवाह से भोजन के कण पकड़ने में मदद करती है।
Black Coral की शाखाएं छोटे समुद्री जीवों को रहने, छिपने और भोजन खोजने की जगह देती हैं। उनकी बड़ी कॉलोनियां गहरे समुद्र में जटिल सूक्ष्म आवास बना सकती हैं।
गहरे समुद्र में मछली पकड़ना, bottom trawling, खनन और पर्यावरणीय बदलाव Black Coral को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनकी धीमी वृद्धि के कारण नष्ट हुई कॉलोनियों को दोबारा बनने में बहुत लंबा समय लगता है।
ब्लैक कोरल सिर्फ समुद्र के रहस्यमय जीव नहीं, बल्कि पृथ्वी के प्राचीन इतिहास और गहरे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को समझने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।