Bhartiya Shikshanshala

Multiple Choice Questions on Platyhelminthes- Class 12 |in hindi

Multiple Choice Questions on Platyhelminthes- Class 12 |in hindi

प्लैटीहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes)” का अर्थ है “चपटे-कृमि” (flatworms) अर्थात इनका शरीर ऊपर-नीचे, अर्थात् पृष्ठ-अधर अक्ष (dorso-ventral axis) पर चपटा होता है। यह त्रिस्तरीय जंतु होते हैं। इन्हीं जंतुओं में अंगीय स्तर तथा द्विपार्श्वीय सममिति (Bilateral symmetry) वाले शरीर संघटन का आरम्भ होता है। यह प्रोटोस्टोमी जंतु होते हैं परन्तु इनमें देहगुहा नहीं होती हैं। इसके स्थान पर ढीला-ढाला मीसोडर्म ऊतक भरा रहता हैं जिसे पैरेकाइमा कहते हैं। इसकी लगभग 10,000 जातियाँ ज्ञात है।

Phylum Platyhelminthes से संबंधित कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न नीचे दिए गए हैं: 

MCQ on Platyhelminthes

1. 
टीनिया में कौन-सा तन्त्र अधिकतम् विकसित होता है-

2. 
ओन्कोस्फीयर नामक लार्वा किसके जीवन चक्र में पाया जाता है-

3. 
टीनिया सोलियम का द्वितीयक पोषद-

4. 
ब्लैडर वर्म किसके जीवन चक्र की प्रावस्था होती है-

5. 
मनुष्य में टीनिया के संक्रमण का प्रभाव -

6. 
उत्सर्जन के लिए शिखा कोशिकाएँ किसमें होती हैं-

7. 
टीनिया में शक्तिशाली चूषकों का प्रयोजन-

8. 
इनमें से पाचन तन्त्र किसमें नहीं होता-

9. 
स्कोलेक्स नामक संरचना किसमें पाई जाती है-

10. 
टीनिया में गमनांगक नहीं होते, क्योंकि

11. 
आँत के फीताकृमि पोषण के लिए क्या करते हैं

12. 
इनमें से अनॉक्सी अर्थात् अवायुवीय श्वसन किसमें होता है-

13. 
टीनिया में उत्सर्जन के लिए कौन-सी संरचनाएँ होती हैं-

14. 
टीनिया के सम्बन्ध में कौन-सा वक्तव्य सही है -

15. 
टीनिया सोलियम से टीनिया सैजिनैटा किसकी अनुपस्थिति के कारण भिन्न है-

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