Coral Reefs पौधे या चट्टानें नहीं, बल्कि छोटे समुद्री जीवों द्वारा बनाई गई जीवित संरचनाएं होती हैं। हजारों वर्षों में ये विशाल रीफ बनाते हैं।
कोरल polyp नामक छोटे समुद्री जीव कैल्शियम कार्बोनेट का कठोर कंकाल बनाते हैं। पीढ़ियों तक जमा होकर यही कंकाल विशाल रीफ बनाते हैं।
कोरल के ऊतकों में सूक्ष्म शैवाल रहते हैं। वे प्रकाश संश्लेषण से पोषक तत्व बनाते हैं, जबकि कोरल उन्हें रहने की जगह और जरूरी पोषक तत्व देते हैं।
Coral Reef समुद्र के बहुत छोटे हिस्से में पाए जाते हैं, फिर भी वे समुद्री जीवों की बड़ी विविधता को आश्रय और भोजन प्रदान करते हैं।
रीफ मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं: Fringing Reef तट के पास, Barrier Reef तट से दूर और Atoll गोलाकार संरचना के रूप में।
Coral Reef तटों तक पहुंचने वाली लहरों की ऊर्जा को काफी कम कर सकते हैं। इससे तटीय इलाकों को कटाव और शक्तिशाली समुद्री तूफानों से सुरक्षा मिलती है।
Coral Reef मछली पकड़ने, पर्यटन, डाइविंग और snorkeling जैसी गतिविधियों के जरिए दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका में योगदान देते हैं।
रीफ से जुड़े समुद्री जीवों में पाए जाने वाले कुछ रासायनिक यौगिकों पर चिकित्सा अनुसंधान किया जा रहा है। इनमें कई बीमारियों के उपचार की संभावनाएं खोजी गई हैं।
समुद्र का तापमान बढ़ने पर तनावग्रस्त कोरल अपने सहजीवी शैवाल को बाहर निकाल सकते हैं। इससे वे सफेद दिखाई देने लगते हैं और लंबे समय तक तनाव रहने पर मर सकते हैं।
कुछ कठोर कोरल केवल लगभग 0.3–2 सेंटीमीटर प्रति वर्ष बढ़ते हैं। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और समुद्र के अम्लीकरण से इन धीमी गति से बनने वाली संरचनाओं को गंभीर खतरा है।