साहचर्य का अर्थ:
जब दो या अधिक विचारों का इस प्रकार का सम्बन्ध हो कि उनमें में एक का स्मरण होने पर दूसरे की स्वतः ही याद आ जाती है, साहचर्य कहलाता है।
जैसे :
‘दिन’ शब्द के सुनने पर ‘सूर्य’ या ‘रात्रि’ दोनो शब्दों में से एक का अपने आप स्मरण होना।
या :
‘स्वच्छता’ शब्द के सुनने पर ‘गांधीजी’ का नाम अपने आप स्मरण होना है।
साहचर्य के अर्थ को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए कई psychologist ने अपने मत और परिभाषाएं दी थी
जैसे
:
जेम्स ड्रेवर (James Drever) ने 1968 में, इंग्लिश तथा इंगलिश
(English and English) ने 1980 में, भाटिया (Bhatia) ने 1976 में आदि।
साहचर्य के प्रकार (Types of Association):
साहचर्य के मुख्यतः चार प्रकार होते हैं-
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