अकबरी लोटा – Class 8 NCERT Solution

NCERT कक्षा 8 की हिंदी पाठ्य पुस्तक "वसंत भाग 2"

पाठ - 10 अकबरी लोटा

- अभ्यास कार्य

NCERT की कक्षा 8 की हिंदी विषय की किताब “वसंत (VIII)” के सभी पाठों की कहानियों तथा कविताओं के अभ्यास कार्यों का वर्णन करेंगे और उसके प्रश्नों का उत्तर देंगे।

हम “अकबरी लोटा” पाठ का अध्ययन करने के बाद इससे सम्बंधित कुछ प्रश्नों को निकालेंगे और उनके उत्तर का वर्णन करेंगे।

अकबरी लोटा - प्रश्न-अभ्यास NCERT

कहानी की बात

1. “लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।” 
 
लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया। आपके विचार से वे चुप क्यों रहे? अपने विचार लिखिए। 
उत्तर– लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया क्योंकि वे अपनी पत्नी का अदब मानते थे। वे अपनी पत्नी के तेज-तर्रार स्वभाव से भी अवगत थे उन्होंने सोचा कि अभी तो लोटे में पानी मिला है यदि चूँ कर दी तो कहीं बाल्टी में भोजन ना करना पड़े। 
2. “लाला झाऊलाल जी ने फौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया।” आपके विचार से लाला झाऊलाल ने कौन-कौन सी बातें समझ ली होंगी? 
उत्तर– दो और दो जोडकर स्थिति को समझने का अर्थ है परिस्थिति को भाँपना। जब लाला के हाथ से लोटा गिरा तो गली में शोर मच गया। जब वह नीचे आए तो एक भीड़ उनके आँगन में एकत्र हो गई। एक अंग्रेज को भीगे हुए तथा पैर सहलाते हुए देखकर लाला समझ गए कि स्थिति गंभीर है और लोटा अंग्रेज को लगा है। इस समय उनका चुप रहना ही ठीक है। 
3. अंग्रेज़ के सामने बिलवासी जी ने झाऊलाल को पहचानने तक से क्यों इनकार कर दिया था? आपके विचार से बिलवासी जी ऐसा अजीब व्यवहार क्यों कर रहे थे? स्पष्ट कीजिए। 
उत्तर– अंग्रेज के सामने बिलवासी जी ने झाऊलाल को पहचानने से इनकार इसलिए कर दिया क्योंकि वह चाहते थे कि अंग्रेज का क्रोध शांत हो जाए और अंग्रेज को ज़रा भी संदेह न हो कि वह लाला झाऊलाल के मित्र है। साथ ही वह अपनी योजना भी पूरी करना चाहते थे जिससे पैसे की व्यवस्था हो सके। 
4. बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध कहाँ से किया था? लिखिए। 
उत्तर– बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध अपने ही घर से अपनी पत्नी के संदूक से चोरी करके किया था। 
5. आपके विचार से अंग्रेज ने यह पुराना लोटा क्यों खरीद लिया? आपस में चर्चा करके वास्तविक कारण की खोज कीजिए और लिखिए। 
उत्तर- अंग्रेज को पुरानी ऐतिहासिक चीज़े इकट्ठा करने का शौक था। ऐसा इसलिए क्योंकि वह दुकान से पुरानी पीतल की मूर्तियाँ खरीद रहा था। अंग्रेज ने बिलवासी के कहने पर लोटा, अकबरी लोटा समझकर 500 रुपए में खरीद लिया। 

अनुमान और कल्पना

1. “इस भेद को मेरे सिवाए मेरा ईश्वर ही जानता है। आप उसी से पूछ लीजिए। मैं नहीं बताऊँगा।” 
 
बिलवासी जी ने यह बात किससे और क्यों कही? लिखिए। 
उत्तर– बिलवासी जी ने यह बात ‘लाला झाऊलाल’ से कही क्योंकि बिलवासी जी ने रुपयों का प्रबंध अपनी ही अपनी पत्नी के संदूक से चोरी करके किया था और इस रहस्य को वह ‘झाऊलाल’ के सामने नहीं खोलना चाहते थे। 
2. “उस दिन रात्रि में बिलवासी जी को देर तक नींद नहीं आई।” 
 
समस्या झाऊलाल की थी और नींद बिलवासी की उड़ी तो क्यों? लिखिए। 
उत्तर– समस्या झाऊलाल की थी और नींद बिलवासी की उड़ी थी क्योंकि झाऊलाल के लिए बिलवासी जी ने अपनी पत्नी के संदूक से पैसे चोरी किए थे इसलिए अब वे अपनी पत्नी के सोने की प्रतीक्षा में थे ताकि वह पैसे चुप-चाप संदूक में रख सके। 
3. “लेकिन मुझे इसी जिंदगी में चाहिए।” 
 
“अजी इसी सप्ताह में ले लेना।” 
 
“सप्ताह से आपका तात्पर्य सात दिन से है या सात वर्ष से?” 
 
झाऊलाल और उनकी पत्नी के बीच की इस बातचीत से क्या पता चलता है? लिखिए। 
उत्तर– झाऊलाल और उनकी पत्नी के बीच की इस बातचीत से निम्न बातें उजागर होती हैं – 
  1. झाऊलाल कंजूस प्रवृत्ति के हैं।
  2. झाऊलाल की पत्नी को अपने पति के वादे पर भरोसा नहीं था।
  3. हो सकता है उनकी पत्नी ने पहले भी झाऊलाल से कुछ माँगा हो परन्तु उन्होंने हाँ करने के बाद भी उन्हें वह लाकर नहीं दिया।

क्या होता यदि

1. अंग्रेज़ लोटा न खरीदता? 
उत्तर– यदि अंग्रेज लोटा नहीं खरीदता तो बिलवासी जी को अपनी पत्नी से चुराए हुए रुपए लाला झाऊलाल को देने पड़ते। क्योंकि यदि झाऊलाल अपनी पत्नी को पैसे नहीं देते तो उनके सामने उनकी बेइज्जती हो जाती। 
2. यदि अंग्रेज पुलिस को बुला लेता? 
उत्तर– यदि अंग्रेज़ पुलिस को बुला लेता तो लाला झाऊलाल को गिरफ्तार कर लिया जाता या उन्हें जुर्माना देना पड़ता। 
3. जब बिलवासी अपनी पत्नी के गले से चाबी निकाल रहे थे, तभी उनकी पत्नी जाग जाती? 
उत्तर– गले से चाबी निकालते समय यदि बिलवासी जी की पत्नी जग जाती तो चोरी जैसा घिनौना काम करने पर उन्हें अपनी पत्नी के समक्ष शर्मिंदा होना पड़ता।

पता कीजिए

2. इस कहानी में आपने दो चीज़ों के बारे में मजेदार कहानियाँ पढ़ीं-अकबरी लोटे की कहानी और जहाँगीरी अंडे की कहानी। 
 
आपके विचार से ये कहानियाँ सच्ची हैं या काल्पनिक ? 
उत्तर– मेरे विचार से यह दोनों कहानियां काल्पनिक है। भारत के दुकानदारों ने अंग्रेजों को लोटे और अंडे की कहानी अपने मन से बनाकर सुनाई और उन्हें बेवकूफ बनाया ताकि वह उन अंग्रेजों से पैसे कमा सकें। 
4. बिलवासी जी ने जिस तरीके से रुपयों का प्रबंध किया, वह सही था या गलत? 
उत्तर– बिलवासी जी ने जिस तरीके से रुपयों का प्रबंध किया वह गलत था। उन्होनें अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए अंग्रेज को बेवकूफ नहीं बनाया। हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। 

भाषा की बात

1. इस कहानी में लेखक ने जगह-जगह पर सीधी-सी बात कहने के बदले रोचक मुहावरों, उदाहरणों आदि के द्वारा कहकर अपनी बात को और अधिक मजेदार रोचक बना दिया है। कहानी से वे वाक्य चुनकर लिखिए जो आपको सबसे अधिक मजेदार लगे। 
उत्तर– मुझे जो वाक्य मजेदार लगे वह इस प्रकार हैं –
  1. अब तक झाऊलाल बिलवासी जी को अपनी आँखो से खा चुके होते। 
  2. कुछ ऐसी गढ़न उस लोटे की थी कि उसका बाप डमरू और माँ चिलम रही हो। 
  3. ढ़ाई सौ रूपए तो एक साथ आँख सेंकने के लिए भी न मिलते हैं। 
  4. यह लोटा न जाने किस अनाधिकारी के झोपड़े पर काशीवास का सन्देश लेकर पहुंचेगा।  
2. इस कहानी में लेखक ने अनेक मुहावरों का प्रयोग किया है। कहानी में से पाँच मुहावरे चुनकर उनका प्रयोग करते हुए वाक्य लिखिए। 
उत्तर– कुछ मुहावरों का वर्णन इस प्रकार है –
 
1. चैन की नींद सोना 
अर्थ – निश्चिंत होकर सोना
वाक्य – चोर के पकड़े जाने पर पुलिस चैन की नींद सोई। 
 
2. आँखों से खा जाना 
अर्थ – अत्यधिक क्रोधित होना 
वाक्य – प्रतियोगिता में सहभागी के तौर पर साथ न देने पर सोहम ने आदित्य को ऐसे देखा जैसे वह उसे आँखों से ही खा जाएगा। 
 
3. आँख सेंकने के लिए भी न मिलना 
अर्थ – दुर्लभ होना
वाक्य – हस्तकला से बनी पारम्परिक वस्तुएँ तो आजकल आँख सेंकने के लिए भी नहीं मिलती हैं। 
 
4. मारा-मारा फिरना 
अर्थ – ठोकरें खाना 
वाक्य – इतनी पढ़ाई और डिग्री लेने की बाद भी वह मारा मारा फिरता है। 
 
5. डींगे सुनना 
अर्थ – झूठ-मूठ की तारीफ सुनना 
वाक्य – घर में तो सभी भीगी बिल्ली है परंतु बाहर सब अपनी बहादुरी की डींगें मारते फिरते हैं।

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