B.Ed. Sem 2-ठोस, द्रव तथा गैस अवस्थाओं की तुलना

B.Ed. Sem 2- Unit 2 notes

B. Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के द्वितीय सेमेस्टर के विषय शिक्षा में अनिवार्य प्रश्न पत्र, विज्ञान (Science) विषय के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है। 

द्रव्य की भौतिक अवस्थाएँ (Physical States of Matter)

द्रव्य की तीन भौतिक अवस्थाएँ होती हैं – ठोस, द्रव तथा गैस। द्रव तथा गैस अवस्था को तरल अवस्था भी कहते हैं, क्योंकि द्रव तथा गैस दोनों में बहने का गुण होता है। ठोस बहते नहीं हैं। 
 
  1. ठोस अवस्था– बर्फ, आइरन, सल्फर, नमक आदि ठोस हैं। ठोस का आयतन तथा आकृति दोनों निश्चित होते हैं। ठोस में दृढ़ता होती है। गरम करने पर ठोस पिघलकर द्रव अवस्था में आ जाते हैं (अपवाद ऊर्ध्वपातित ठोस) ठोस बहते नहीं हैं। 
  2. द्रव अवस्था– जल, मरकरी, दूध, तेल आदि द्रव हैं। द्रव का आयतन निश्चित होता है, किन्तु आकृति निश्चित नहीं होती है। द्रव की आकृति वही हो जाती है जिस आकृति के बर्तन में द्रव भरा जाता है। गरम करने पर द्रव गैस अवस्था में तथा ठण्डा करने पर द्रव ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। द्रव बहते हैं। 
  3. गैस अवस्था– भाप, वायु, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन आदि गैस हैं। गैस का न तो आयतन निश्चित होता है और न ही आकृति। गैस की आकृति और आयतन वही हो जाते हैं जिस आकृति तथा आयतन के बर्तन में गैस भरी जाती है गैस बहती है। 
B.Ed. Sem 2-ठोस, द्रव तथा गैस अवस्थाओं की तुलना

ठोस, द्रव तथा गैस अवस्थाओं की तुलना (Comparision of Solid, Liquid and Gaseous State)

ठोस, द्रव तथा गैस अवस्थाओं की तुलना करने पर हमें निम्न बातों का पता चलता है जो इस प्रकार है :

ठोस  द्रव गैस 
इस अवस्था में द्रव्य के अणु बहुत पास-पास होते हैं। इसलिए ठोसों पर दाब परिवर्तन का प्रभाव नहीं पड़ता है। द्रव्य अवस्था में भी द्रव्य के अणु पास-पास होते हैं। अतः दाव परिवर्तन का प्रभाव द्रवों पर भी बहुत कम या नहीं पड़ता है।  गैस अवस्था में द्रव्य के अणु बहुत दूर-दूर होते हैं, इसलिए दाब परिवर्तन का प्रभाव गैसों पर अधिक पड़ता है।
ठोसों में अणुओं के स्थान निश्चित तथा स्थिर होते हैं।  द्रवों में अणुओं के स्थान स्थिर नहीं होते हैं। गैसों में अणुओं के स्थान स्थिर नहीं होते हैं।
इनका तल समतल हो ऐसा आवश्यक नहीं है।  इनका तल समतल होता है।  इनका कोई तल नहीं होता है। 
ठोसों के आकार तथा आयतन दोनों निश्चित होते है।  द्रवों के आयतन निश्चित तथा आकार अनिश्चित होते हैं। गैसों के आकार तथा आयतन दोनों ही अनिश्चित होते रहते है। 
ठोस गर्म करने से बढ़ते हैं।  द्रव, ठोस की अपेक्षा गर्म करने पर अधिक बढ़ते हैं। गैस गर्म करने पर सबसे अधिक बढ़ती है। 
इनके कणों में परस्पर अधिक आकर्षण होता है।  इनके कणों में ठोस की अपेक्षा कम आकर्षण होता है। इनके कणों में अधिक दाब पर भी कम आकर्षण होता है।
अणुओं की ऊर्जा न्यूनतम होती है।  द्रव अणुओं की ऊर्जा ठोस अणुओं की अपेक्षा अधिक होती है। इसी कारण यह बर्तन में एक स्थान से दूसरे स्थान तक घूमते रहते है। गैस के अणुओं की ऊर्जा उच्चतम होती है। 
इनका घनत्व उच्च होता है।  द्रवों का घनत्व ठोसों की अपेक्षा कम होता है। गैसों का घनत्व निम्न होता है। 
ठोस के अणु कम्पनीय गति करते हैं। द्रव के अणु Translational Motion करते हैं। गैसों के अणु अनियोजित गति करते हैं।

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