B.Ed. Sem 3-माध्य विचलन (Mean Deviation): गुण तथा दोष

B.Ed. Sem 3- Unit 4 notes

B.Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर के विषय शिक्षा में मापन तथा मूल्यांकन (Measurement and Evaluation in Education) के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है। 
माध्य विचलन (Mean Deviation) की सांख्यिकीय

माध्य विचलन (Mean Deviation)

किसी डेटा श्रृंखला के विभिन्न मानों के, किसी सांख्यिकीय माध्य से विचलनों के समांतर माध्य को विचलन कहते हैं। माध्य विचलन (Mean Deviation) की गणना में सभी विचलनों को धनात्मक माना जाता है, अर्थात् विचलनों के बीजगणितीय चिह्न + तथा – को छोड़ दिया जाता है। दूसरे शब्दों में, निरपेक्ष विचलन ज्ञात किया जाता हैं। माध्य विचलन ज्ञात करने में निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखा जाता है-

  1. सैद्धान्तिक रूप से माध्य विचलन (Mean Deviation) किसी भी माध्य (Mean) से निकाला जा सकता है परन्तु व्यवहार में समान्तर माध्य तथा मध्यका से ही विचलन की माप ज्ञात की जाती है।
  2. माध्य विचलन ज्ञात करने में विचलनों के बीजगणितीय चिन्हों की उपेक्षा करके सभी विचलनों को धनात्मक माना जाता है।
  3. सभी निरपेक्ष विचलनों के योग को पदों की संख्या (N) से भाग देने पर माध्य विचलन ज्ञात हो जाता है।

इसका सूत्र इस प्रकार हैं-

  • δ x̄ = ∑ (d x̄) / N
  • δ M = ∑ (d M)/N
  • δz = ∑(dz)/N

माध्य विचलन (Mean Deviation) गुणांक – माध्य विचलन में उसी माध्य का भाग दिया जाता है, जिससे विचलन निकाले गया है और माध्य विचलन गुणांक ज्ञात किया जाता है, अर्थात्

  1. समान्तर माध्य विचलन गुणांक = δ x̄/x̄
  2. मध्यका से माध्य विचलन गुणांक = δM / M
  3. भूयिष्ठक से माध्य विचलन गुणांक = δz/Z

माध्य विचलन के गुण (Merits of Mean Deviation)

माध्य विचलन (Mean Deviation) के निम्नलिखित गुण हैं-

  1. माध्य विचलन को समझना बाकी से अपेक्षाकृत अधिक सरल व इसकी गणना करना अधिक आसान होता है।
  2. यह वितरण के महत्त्व को स्पष्ट करने वाली माप होती है।
  3. यह गणना द्वारा प्राप्त मूल्य होता है।
  4. माध्य विचलन समंकमाला के सभी पदों पर आधारित होता है। अतः श्रेणी के प्रत्येक पद का उस पर प्रभाव पड़ता है।
  5. माध्य विचलन की गणना किसी भी माध्यम से की जा सकती है।
  6. माध्य विचलन प्रमाप विचलन की तुलना में चरम मूल्यों से कम प्रभावित होता है।
  7. इसका प्रयोग आर्थिक, व्यापारिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में पर्याप्त रूप से होता है।

माध्य विचलन के दोष (Demerits of Mean Deviation)

माध्य विचलन (Mean Deviation) के गुणों के अलावा इसमें कुछ दोष भी होते हैं जो निम्नलिखित है-

  1. इसमें बीजगणितीय चिन्हों को छोड़ दिया जाता है।
  2. विभिन्न माध्यों से ज्ञात माध्य विचलनों में समानता नहीं होती है।
  3. इसका बीजीय विवेचन नहीं किया जा सकता है।
  4. भूयिष्ठक के अनिश्चित होने पर भूयिष्ठक से यह विचलन अनिश्चित हो जाता है।

माध्य विचलन (Mean Deviation) और उसके गुणांक की गणना (Calculation)

व्यक्तिगत श्रेणी : प्रत्यक्ष रीति

  1. सर्वप्रथम माध्य, मध्यका या भूयिष्ठक निकाला जाता है।
  2. सम्बन्धित माध्य से विभिन्न मूल्यों के निरपेक्ष विचलन |d| ज्ञात किये जाते हैं।
  3. निरपेक्ष विचलनों का योग ∑|d| ज्ञात किया जाता है।
  4. ∑|d| में पद संख्या से भाग देकर ‘माध्य विचलन’ तथा ‘माध्य विचलन’ में सम्बन्धित माध्य का भाग देकर ‘माध्य विचलन गुणांक’ ज्ञात किया जाता है।

लघु रीति (Short Method)

मध्यका से माध्य निकालना

  1. सबसे पहले मध्यका निकालते हैं।
  2. मध्यका से अधिक मूल्य का योग ∑mA निकाल लेते हैं। इसी प्रकार मध्यका से कम मूल्य का योग ∑mB प्राप्त कर लेते हैं।
  3. इन दोनों के योग के अन्तर में संख्या (N) से भाग दे देते हैं। भजनफल माध्य विचलन (Mean Deviation) होता है। सूत्र निम्न है-
    δM = ∑ mA- ∑ m B / N

समान्तर माध्य से माध्य विचलन निकालना

  1. सबसे पहले समान्तर माध्य निकालते हैं।
  2. समान्तर माध्य से अधिक मूल्यों का योग ∑ mA तथा कम मूल्यों का योग ∑ mB निकाल लेते हैं।
    समान्तर माध्य से अधिक मूल्यों की संख्या NA तथा उससे कम मूल्यों की संख्या NB ज्ञात करते हैं।

इसका सूत्र इस प्रकार है-

δ x̄ = ∑ mA- ∑ m B – (NA – NB) X̄ / N

अविच्छिन्न श्रेणी

  • समान्तर माध्य से माध्य विचलन- δ x̄ = ∑ fdx̄ / N
  • मध्यका से माध्य विचलन- δ m = ∑ = fdm / N

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