B.Ed. Sem 3- Unit 2 notes
B. Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर के विषय शिक्षा में मापन तथा मूल्यांकन (Measurement and Evaluation in Education) के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है।
सहभागी और असहभागी निरीक्षण में अन्तर (Distinction between Participant and Non-participant Observation):
अवलोकन प्रविधि की विशेषताओं का अध्ययन करके हम सहभागी और असहभागी निरीक्षण में निम्नलिखित अन्तरों का उल्लेख कर सकते हैं-
सहभागी निरीक्षण | असहभागी निरीक्षण |
सहभागी निरीक्षण निरीक्षण का वह प्रकार है जिसमें अनुसंधानकर्ता स्वयं उस समुदाय में जाकर बस जाता है जिसका कि उसे अध्ययन करना है। | असहभागी निरीक्षण में अवलोकनकर्त्ता उस समुदाय में जाकर बसता नहीं है। बल्कि कभी-कभी आवश्यकता के अनुसार वहाँ जाकर एक तटस्थ दर्शक के रूप में निरीक्षण करता है। |
सहभागी निरीक्षण में अनुसंधानकर्ता उस समुदाय में जाकर बस ही नहीं जाता है बल्कि उसकी एक आवश्यक इकाई भी बन जाता है। वह उसी रूप में समुदाय के समस्त क्रिया-कलापों, उत्सवों आदि में भाग भी लेता है। | असहभागी निरीक्षण में निरीक्षणकर्ता एक बाहरी आदमी (an outsider) ही बना रहता है और समुदाय के क्रियाकलापों में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लेता है। |
सहभागी निरीक्षण के द्वारा एक समुदाय या समूह के गुप्त पक्षों के सम्बन्धों में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। | असहयोगी निरीक्षण में निरीक्षणकर्ता एक अजनबी के होने के कारण सभी गुप्त पक्ष उसके लिए गुप्त ही रह जाते हैं। |
सहभागी निरीक्षण में समुदाय के जीवन के गहरे स्तर तक पहुँचकर उसका गहन आन्तरिक तथा सूक्ष्म अध्ययन करना सम्भव है। | असहभागी निरीक्षण के द्वारा सामुदायिक जीवन के केवल बाहरी पक्षों अर्थात् ऊपर – ऊपर से दिखाई देने वाली घटनाओं का ही अध्ययन किया जा सकता है। |
सहभागी निरीक्षण में निरीक्षणकर्ता स्वयं ही विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में बार-बार भाग लेता है। अतः संकलित सूचनाओं की शुद्धता की परीक्षा करने का अवसर उसे कई बार मिलता है। | असहभागी निरीक्षण में निरीक्षणकर्ता कभी-कभी समुदाय में बस जाता है। अतः सूचनाओं की शुद्धता की परीक्षा करने का उसे अधिक अवसर नहीं मिल पाता है। |
सहभागी निरीक्षण प्रविधि अत्यधिक खर्चीली होती है और साथ ही अधिक समय खर्च करने वाली भी होती है क्योंकि अनुसंधानकर्ता को कई महीने और कभी-कभी कई साल तक उस समुदाय में जाकर रहना पड़ता है। | असहभागी निरीक्षण में कम समय और कम धन की जरूरत पड़ती है, क्योंकि अनुसंधानकर्ता को निरीक्षण करने के लिए कभी-कभी ही समुदाय में जाना पड़ता है। |