B.Ed. Sem 3- Unit 2 notes

साक्षात्कार का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Interview)
साक्षात्कार का अर्थ (Meaning of Interview)
हेडर तथा लिण्डमैन
“साक्षात्कार में दो व्यक्तियों अथवा कई व्यक्तियों के बीच संवाद मौखिक प्रत्युत्तर होते हैं।”
सिन पाओ यांग
“साक्षात्कार क्षेत्रीय कार्य की एक प्रविधि है जोकि एक व्यक्ति अथवा व्यक्तियों में व्यवहार को देखने, कथनों को लिखने तथा सामाजिक या सामूहिक अन्तःक्रिया के वास्तविक रचनात्मक परिणामों का अवलोकन करने हेतु प्रयोग में ली जाती है।”
गुडे एवं हॉट
“साक्षात्कार मूलतः सामाजिक अन्तःक्रिया की एक प्रक्रिया है।”
पामर
“साक्षात्कार दो व्यक्तियों में एक सामाजिक स्थिति का निर्माण करता है जिसमें निहित मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए आवश्यक है कि दोनों व्यक्ति परस्पर प्रत्युत्तर करें।”
मीनेन्द्र नाथ बसु
“एक साक्षात्कार को कुछ बिन्दुओं पर व्यक्तियों के आमने-सामने मिलने के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।”
- दो या दो से अधिक व्यक्ति– साक्षात्कार में कम-से-कम दो व्यक्ति का होना आवश्यक है। एक अध्ययन करने वाला अर्थात् साक्षात्कारकर्त्ता जो प्रश्न पूछता है तथा दूसरा साक्षात्कारदाता जो उत्तर देता है।
- विशिष्ट उद्देश्य एम.एच. गोपाल के शब्दों में, “साक्षात्कार ऐसा वार्तालाप है जिसके कुछ उद्देश्य होते हैं।” (“The interview is conversation with a purpose.”) अनुसंधानकर्ता किसी न किसी उद्देश्य से समस्या या अध्ययन विषय से सम्बन्धित प्रश्न पूछता है। वह इन उत्तरों में नवीन तथ्यों की खोज करता है।
- प्राथमिक या आमने-सामने के सम्बन्ध– साक्षात्कार में साक्षात्कारकर्त्ता प्रत्यक्ष रूप से सूचनादाता के समक्ष उपस्थित होकर प्रश्न पूछता है जिनके उत्तर सूचनादाता उसी समय देता है बिना साक्षात्कारकर्त्ता या सूचनादाता के साक्षात्कार सम्भव नहीं होता। इस प्रकार इन दोनों में अन्तःक्रिया होना आवश्यक है।
- सामग्री-संकलन– साक्षात्कार में साक्षात्कारकर्त्ता वार्तालाप द्वारा अपरिचित तथ्यों की जानकारी प्राप्त कर लेता है। वह अध्ययन विषय से सम्बन्धित तथ्य संकलित कर सूचनादाता के विचारों को जानना चाहता है।
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