धर्मनिरपेक्षता की समझ – Class 8 NCERT Solution

NCERT कक्षा 8 की सामाजिक अध्ययन की पाठ्य पुस्तक "सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन (VIII)"

पाठ - 2 धर्मनिरपेक्षता की समझ

- अभ्यास कार्य

NCERT की कक्षा 8 की हिंदी विषय की किताब “सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन (VIII)” के सभी पाठों के अभ्यास कार्यों का वर्णन करेंगे और उसके प्रश्नों का उत्तर देंगे।

हम “धर्मनिरपेक्षता की समझ” पाठ का अध्ययन करने के बाद इससे सम्बंधित कुछ प्रश्नों को निकालेंगे और उनके उत्तर का वर्णन करेंगे।

धर्मनिरपेक्षता की समझ - प्रश्न-अभ्यास NCERT

अभ्यास

1. अपने आस-पड़ोस में प्रचलित धार्मिक क्रियाकलापों की सूची बनाइए। आप विभिन्न प्रकार की प्रार्थनाओं, विभिन्न देवताओं की पूजा विभिन्न पवित्र स्थानों, विभिन्न प्रकार के धार्मिक संगीत और गायन आदि को देख सकते हैं। क्या इससे धार्मिक क्रियाकलापों की स्वतंत्रता का पता चलता है?
उत्तर – हमारे आस पड़ोस में कई ऐसे धार्मिक क्रियाकलाप होते हैं जैसे नवरात्रि ईद दशहरा दिवाली होली इत्यादि। इससे धार्मिक क्रियाकलापों की स्वतंत्रता का पता चलता है। वह एक जगह रखकर अपने त्योहारों को मना सकते हैं।
2. अगर किसी धर्म के लोग यह कहते हैं कि उनका धर्म नवजात शिशुओं को मारने की छूट देता है तो क्या सरकार किसी तरह का दखल देगी या नहीं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण बताइए।
उत्तर – अगर कोई धार्मिक समूह लोकतांत्रिक देश में है और वह कहता है कि उनका धर्म उन्हें बच्चों को मारने की इजाजत देता है तो इस मामले में उस देश की सरकार दखल देगी क्योंकि यह परंपरा जीवन के फंडामेंटल राइट्स के खिलाफ है। ऐसे मामलों में कई बार सरकार जबरदस्ती दखल देती है लेकिन कभी-कभी सरकार अपने सपोर्ट के जरिए भी दखल दे सकती है जैसे दिल्ली में सिक्खों के लिए किया गया है। उन्हें टू व्हीलर पर हेल्विन पहनने से छूट दी गई है क्योंकि उनके धर्म में पगड़ी पहनने की मांग होती है जो उनके लिए एक परंपरा है।
3. इस तालिका को पूरा कीजिए-
उद्देश्ययह महत्वपूर्ण क्यों है?इस उद्देश्य के उल्लंघन का एक उदाहरण
एक धार्मिक समुदाय दूसरे समुदाय पर वर्चस्व नहीं रखता  
राज्य न तो किसी धर्म को थोपता है और न ही लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता छीनता है  
एक ही धर्म के कुछ लोग अपने ही धर्म के दूसरे लोगों को न दबाएँ   

उत्तर

उद्देश्ययह महत्वपूर्ण क्यों है?इस उद्देश्य के उल्लंघन का एक उदाहरण
एक धार्मिक समुदाय दूसरे समुदाय पर वर्चस्व नहीं रखताधर्म की आजादी के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए।हिन्दू राष्ट्रवादियों द्वारा अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराना।
राज्य न तो किसी धर्म को थोपता है और न ही लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता छीनता हैयह लोकतांत्रिक देश के आदर्शों को बनाए रखने के लिए आवश्यक है जिसमें लोगों को अपने पसंद के अनुसार धर्म चुनने की आजादी होती है।फरवरी 2004 में फ्रांस ने पब्लिक जगह पर हेड स्कार्फ और पगड़ी पहनने पर बैन लगा दिया था जिससे कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा था।
एक ही धर्म के कुछ लोग अपने ही धर्म के दूसरे लोगों को न दबाएँ व्यक्तिगत आजादी को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है। ईसाई समुदाय प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक में बंटा हुआ है।आयरिश कैथोलिक को चर्च ऑफ इंग्लैंड के अधिकारी नीचे नजर से देखते हैं और उन्हें परेशान करते हैं जिनमें से अधिकतर प्रोटेस्टेंट हैं।

4. अपने स्कूल की छुट्टियों के वार्षिक कैलेंडर को देखिए। उनमें से कितनी छुट्टियाँ विभिन्न धर्मों से संबंधित हैं? इससे क्या संकेत मिलता है?
उत्तर –  हमारे स्कूल की छुट्टियों के वार्षिक कैलेंडर में सभी धर्म के त्योहारों को समान रूप से देखा गया है और उसके अनुसार छुट्टियां दी गई हैं। इससे पता चलता है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।
5. एक ही धर्म के भीतर अलग-अलग दृष्टिकोणों के कुछ उदाहरण दें?
उत्तर –  हिंदू तथा मुसलमानों में पर्दा प्रथा का काफी चलन रहा है। कुछ लोग अपने घर की महिलाओं को घूंघट में या बुर्के में रखते हैं लेकिन कुछ लोग यह उनकी आजादी के बीच एक रुकावट मानते हैं और उन्हें इससे मुक्त रखते हैं।
7. साथ में दिया गया यह पोस्टर ‘शांति’ के महत्त्व को रेखांकित करता है। इस पोस्टर में कहा गया है कि “शांति कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है… यह हमारी आपसी भिन्नताओं और साझा हितों को नज़रअंदाज़ करके नहीं चल सकती।” ये वाक्य क्या बताते हैं? अपने शब्दों में लिखिए। धार्मिक सहिष्णुता से इसका क्या संबंध है?

इस अध्याय में आप ही की उम्र के विद्यार्थियों ने भी धार्मिक सहिष्णुता पर तीन तस्वीरें बनाई हैं। धार्मिक सहिष्णुता को ध्यान में रखते हुए अपने साथियों को दिखाने के लिए खुद एक पोस्टर बनाइए।
उत्तर – “शांति कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है… यह हमारी आपसी भिन्नताओं और साझा हितों को नज़रअंदाज़ करके नहीं चल सकती।”

उपयुक्त वाक्य द्वारा यह पता चलता है कि हमें सभी समुदायों के साथ एक साथ रहना चाहिए और उनके धर्म रीति रिवाज का सम्मान करना चाहिए। हमें दूसरे सभी धार्मिक समुदायों के साथ मतभेदों को कम करना चाहिए जिससे हम एक साथ एक सभ्य समाज के तौर पर शांति ला सके और उन सभी धर्म के साथ एक समाज में आनंद से रह सके।

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