SWOT विश्लेषण की आवश्यकता तथा करने के तरीके

B.Ed. Sem 2- Unit 1 notes

B. Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के द्वितीय सेमेस्टर के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है। 

SWOT विश्लेषण की आवश्यकता (Need of SWOT Analysis)

विद्यालय प्रबंधन में स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण की आवश्यकता को निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है- 
 
  1. अति-कुशल शिक्षक की पहचान के लिए स्वाॅट विश्लेषण की आवश्यकता होती है। 
  2. विद्यालय के सफल इतिहास को जानने के लिए। 
  3. शिक्षक – अभिभावक संघ (PTA) की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए। 
  4. विद्यालय प्रबन्धन की असफलताओं के कारणों को जानने एवं उसके निवारण के लिए। 
  5. सक्रिय स्वैच्छिक समिति की योजना बनाने और कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए। 
  6. शिक्षक तथा छात्रों को लचीला पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए । 
  7. छात्र, शिक्षक एवं अन्य सदस्यों की समस्याओं पर विचार करने के लिए। 
  8. विद्यालय परिणामों को बढ़ाने के लिए। 
  9. विद्यालय की वास्तविक स्थितियों का आंकलन करने के लिए। 
  10. विद्यालय प्रबंधन में सुधार करने तथा अवसरों की पहचान करने के लिए स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण की आवश्यकता होती है।

स्वाॅट विश्लेषण करने के तरीके (Ways to Conduct SWOT Analysis) -

SWOT विश्लेषण संगठनात्मक निदान की एक सहभागी प्रक्रिया होती है। इसका आयोजन एक टीम के रूप में किया जाता है। SWOT विश्लेषण निम्न तरीकों से किया जाता है:- 
 
  1. SWOT विश्लेषण के लिए बनायी गयी टीम विद्यालय की शक्तियों व कमजोरियों के बारे में चर्चा करके प्रबंधन में सुधार करती है।
  2. विश्लेषण टीम में प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं विद्यालय प्रशासन के सदस्य सम्मिलित होते हैं। 
  3. SWOT विश्लेषण प्रारूप का प्रयोग करके विद्यालय प्रबंधन का विश्लेषण किया जा सकता है। इस प्रारूप में विद्यालय की शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों व संकटों से संबंधित सीट होती है। जिनमें चर्चा एवं सर्वसम्मति से आँकड़े सुनिश्चित किए जाते हैं। 
  4. SWOT विश्लेषण, प्रश्नावली तथा परीक्षणों के माध्यम से एकत्रित किए गए डेटा पर बनाया जाता है या बनाया जा सकता है। ये आँकड़े प्रबंधन की शक्तियों एवं कमजोरियों के प्रति स्टाफ की अवधारणा का सामूहिक दृष्टिकोंण दर्शाता है। 
  5. स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण से पूर्व विद्यालय प्रबंधन स्वयं चर्चा करके विषय का चयन करता है कि इन विषयों पर अवसरों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए SWOT विश्लेषण किया जाना चाहिए।

स्वाॅट विश्लेषण आयोजित करने के लिए 'शिक्षक' के कौशल (Skills of Teachers for Conducting SWOT Analysis)

बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्यालय प्रबंधन में शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विद्यालय में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। वह विद्यालय का प्रमुख अंग होता है। शिक्षक विद्यालय में सबसे अधिक सक्रिय होता है। इसलिए SWOT विश्लेषण आयोजित करने के लिए शिक्षक के पास निम्नलिखित कौशल होने चाहिए- 
  1. नवाचार का समावेशन – शिक्षक में एक प्रमुख कौशल यह भी होना चाहिए कि वह नवाचार तथा नए विचारों का समावेश विद्यालय में कर सके। जिससे विद्यालय में नवीन विचारों का उद‌भव हो सके। 
  2. कक्षा कक्ष प्रबंधन में – कक्षा-कक्ष प्रबंधन में पारम्परिक एवं आधुनिक विधियों का सम्मिलित रूप से उपयोग करने का कौशल भी शिक्षक में अवश्य होना चाहिए। इससे कक्षा कक्ष का प्रबंधन बेहतर तरीके से होगा। 
  3. नकारात्मक प्रभावों के निदान का कौशल – एक शिक्षक में यह कौशल भी अवश्य होना चाहिए कि वह कक्षा में व्याप्त नकारात्मक प्रभावों का निदान या उपचार कर सके। इससे कक्षा में सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है। 
  4. छात्रों के लिए नवीन उपलब्धि अवसरों का सृजन करने का कौशल – विद्यालय प्रबंधन में छात्रों के लिए नवीन उपलब्धि अवसरों का सृजन करने का कौशल भी एक शिक्षक में अवश्य होना चाहिए। इससे छात्रों का विकास और तीव्र होगा । 
  5. बाधक कारकों की पहचान करने का कौशल – शिक्षक का एक अन्य कौशल यह भी होना चाहिए कि वह विद्यालय प्रबन्धन में बाधा उत्पन्न करने वाले कारकों की पहचान कर सके। इस कौशल के कारण बाधक कारकों को दूर करने का उपाय भी ढूंढा जा सकता है। 
  6. प्रोत्साहित करने की योग्यता – विद्यालय प्रबंधन को मजबूत एवं प्रभावी बनाने वाले तत्वों को प्रोत्साहित करने की योग्यता भी एक शिक्षक में अवश्य होनी चाहिए। 

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि SWOT विश्लेषण आयोजित करने के लिए एक शिक्षक में उपर्युक्त कौशलों का होना अति आवश्यक है। बिना इनके शिक्षक विद्यालय प्रबंधन का कार्य सही प्रकार से नहीं कर पाएगा। क्योंकि एक विद्यालय के कुशल प्रबंधन के लिए सभी का योगदान आवश्यक है।

स्वाॅट विश्लेषण आयोजित करने के लिए 'प्रधानाचार्य' के कौशल (Skills of Principal for Conducting SWOT Analysis)

विद्यालय प्रबंधन का प्रमुख पक्ष प्रधानाचार्य है। वह विद्यालय के सभी पक्षों से भली-भांति परिचित होता है। जातः स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण आयोजित करने के लिए उसमें निम्नलिखित कौशल होने आवश्यक है- 
  1. समायोजन करने का कौशल – प्रधानाचार्य में शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों एवं छात्रों के मध्य समायोजन करने का कौशल होना चाहिए। 
  2. विद्यालय प्रबंधन की शक्तियों में वृद्धि करने के उपाय खोजने का कौशल – प्रधानाचार्य में, विद्यालय प्रबंधन की शक्तियों एवं उनमें वृद्धि के उपाय निकालने का कौशल भी होना चाहिए। 
  3. नकारात्मक प्रभाव की पहचान व निदान का कौशल – विद्यालय में व्याप्त नकारात्मक प्रभावों की पहचान करके उनका निदान करने का कौशल भी प्रधानाचार्य में आवश्य होना चाहिए। 
  4. उन्नति के मार्ग प्रशस्त करने का कौशल – प्रधानाचार्य में विद्यालय प्रबंधन की सुविधाओं एवं स्तर में उन्नति के मार्ग प्रशस्त करने का कौशल होना चाहिए । 
  5. दूरदर्शिता का कौशल – प्रधानाचार्य में दूरदर्शिता का कौशल भी अवश्य होना चाहिए जिससे भावी समस्याओं का आंकलन किया जा सके तथा उनसे बचाव के उपाय भी खोज सके।

उपर्युक्त विवेचना के आधार के पर हम कह सकते हैं स्वाॅट (इWOT) विश्लेषण एक प्रकार का योजना उपकरण है जिसकी सहायता से विद्यालय प्रबंधन को सुदृढ़‌ बनाया जा सकता है। विद्यालय की कमियों को दूर किया जा सकता है। SWOT विश्लेषण के लिए प्रधानाचार्य एवं शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस विश्लेषण की सहायता से विद्यालय का सशक्तीकरण किया जा सकता है।

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