शतांशीय मानक क्या है? (Percentile Norm)| B.Ed. Sem 3 

B.Ed. Sem 3- Unit 2 notes

B. Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर के विषय शिक्षा में मापन तथा मूल्यांकन (Measurement and Evaluation in Education) के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है। 
शतांशीय मानक क्या है? (Percentile Norm)| B.Ed. Sem 3 

शतांशीय मानक (Percentile Norm)

शतांशीय मानक का प्रयोग एक व्यक्ति की आयु और श्रेणी समूह में तुलना करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा शतांशीय मानक का प्रयोग विभिन्न वितरणों के प्राप्तांकों के बीच तुलना करने के लिए भी किया जाता है। विभिन्न शैक्षिक स्थितियों में यदि कई छात्रों के मध्य तुलना करना होता है, तो इन क्रमों को शततमक क्रम में रूपान्तरित करना उपयोगी सिद्ध होता है। शतांशीय मानक मापनी पर एक ऐसा बिन्दु होता है जिसके नीचे किसी वितरण का एक निश्चित प्रतिशत रहता है। 
शतांशीय मान निकालने के लिए व्यक्ति की तुलना उस समूह से की जाती है जिसका वह सदस्य होता है। इसे करने का सबसे आसान तरीका यह है कि सबसे अधिक से लेकर सबसे कम अंकों तक के फलांकों का श्रेणीक्रम किया जाता है और उसे लिखा जाता है। इसके बाद इसका शतांशीय मानक निकाला जाता है। यदि किसी व्यक्ति का शतांशीय फलांक 60 है तो इसका तात्पर्य यह हुआ कि समूह के 60 व्यक्ति उसके नीचे हैं। 
शतांशीय मान निकालने की विधि बहुत सरल होती है और इसे सांख्यिकी के प्रारम्भिक ज्ञान से ही समझा जा सकता है। इसकी सहायता से ऐसे फलांक भी अर्थपूर्ण ढंग से व्यक्त किये जा सकते हैं जिनकी इकाइयाँ और संख्यात्मक प्रतिमान समान नहीं होते हैं। शतांशीय मानक निकालने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि पहले एक प्रतिनिधिकारी नमूना लिया जाए।

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