SWOT विश्लेषण (SWOT Analysis) क्या है?: इतिहास, परिभाषा

B.Ed. Sem 2- Unit 1 notes

B. Ed. के द्वि-वर्षीय पाठ्यक्रम के द्वितीय सेमेस्टर के सभी Unit के कुछ महत्वपुर्ण प्रश्नों का वर्णन यहाँ किया गया है। 

SWOT विश्लेषण- प्रस्तावना (Introduction)

स्वाॅट (SWOT) एक संक्षिप्त शब्द है जिसके प्रत्येक अक्षर का अपना एक अर्थ है। स्वाॅट विश्लेषण (SWOT Analysis) एक प्रकार का प्लानिंग टूल है जिसका प्रयोग किसी प्रोजेक्ट या बिजनेस या स्कूल की शक्ति, कमजोरी, अवसरों तथा समस्याओं को समझने के लिए किया जाता है। स्वाॅट (SWOT) शक्ति, कमजोरियों, अवसरों तथा समस्याओं से मिलकर बना है। स्वाॅट विश्लेषण (SWOT Analysis) शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों तथा संकटों की संगठित सूची है जो विद्यालय प्रबन्धन में सुधार करने में सहायता करता है।
SWOT विश्लेषण को दो भागों में बांटा गया है- 
 
  1. आंतरिक घटक (Internal Factor) 
  2. बाह्य घटक (External Factor)
आंतरिक घटक के अंतर्गत शक्तियां (Strength) तथा कमजोरी (Weakness) आती हैं। बाह्य घटक के अंतर्गत अवसर (Opportunities) व संकट/समस्याएं (Threats) आती हैं।
 
 
शक्तियाँ (strengths) एवं कमजोरियाँ (weaknesses) विद्यालय के आन्तरिक घटक होते हैं जैसे- प्रतिष्ठा, विचारधारा, स्थान आदि। इन सब में समय के साथ परिवर्तन हो सकता है। अवसर (opportunities) एवं संकट (Threats) विद्यालय के बाह्य घटक होते हैं जैसे – छात्र, शिक्षक, शिक्षा आदि। ये सभी लचीले नहीं होते हैं। अर्थात् विद्यालय प्रबन्धन अपने अनुसार इनमें परिवर्तन नहीं कर सकता है। 
 
स्वाॅट विश्लेषण (SWOT Analysis) एक महत्वपूर्ण योजना उपकरण है जो विद्यालय प्रबन्ध की शक्तियों एवं कमजोरियों को पहचानने में सहयोग करता है। साथ ही किसी भी अवसर और संकटों को पहचान कर किसी विशिष्ट स्थिति को सुधारने के लिए उपयोग करना । स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण विद्यालय प्रबन्धन (School Management) में सुधार के लिए एक अच्छा उपकरण है। 

SWOT विश्लेषण का इतिहास एवं पृष्ठभूमि (Background & History of the SWOT Analysis)

SWOT विश्लेषण तकनीकी के उद्‌भव का श्रेय Albert Humphrey को जाता है। इन्होंने 1960 व 1970 में कई प्रमुख कम्पनियों के डाटा का प्रयोग करके ‘Stanford University’ में रिसर्च प्रोजेक्ट बनाया। इसका प्रमुख उद्देश्य यह पता करना था कि कॉर्पोरेट योजानाएँ क्यों असफल हो रही हैं। रिसर्च के परिणाम में कई प्रमुख key areas की खोज (identify) की गई तथा उन उपकरणों (tools) को खोजा गया जिसका प्रयोग उन critical areas को एक्सप्लोर (explore) करने के लिए किया गया जिन्हें SOFT analysis’ कहा गया । 
 
Humphrey एवं Orignial research team के अनुसार – 
“What is good in the present is Satisfactory, good in the future is an Opportunity; bad in the present is a fault & bad Threat in the future is a Threat.”

SWOT विश्लेषण की परिभाषा (Definition of SWOT Analysis)

  1. शक्तियाँ (Strengths)– विद्यालय के उद्‌देश्यों को प्राप्त करने वाले कारकों का सकारात्मक प्रभाव विद्यालय की शक्तियाँ होती हैं। विद्यालय में शक्तियों (Strengths) का मतलब उसको सुचारु रुप से चलाने वाले घटक (उसका प्रबन्धन देखना, उसको चलाने के लिए समिति का निर्माण करना, धन की व्यवस्था करना आदि) से होता है। विद्यालय का संचालन करने के लिए ‘प्रबंध समिति’ का गठन किया जाता है। यह समिति ही निर्धारण करती है कि विद्यालय का पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए, किस तरह के शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। 
  2. कमजोरियाँ (Weaknesses) – विद्यालय के उद्‌देश्यों को प्राप्त करने वाले कारकों का नकारात्मक प्रभाव विद्यालय की कमजोरियाँ (Weaknesses) होती हैं। 
  3. अवसर (opportunities) – ऐसे बाहरी कारक जो विद्यालय के उद्‌देश्यों को प्राप्त करने या उसके अधिक होने पर सकारात्मक प्रभाव डालने की सम्भावना के अवसर प्रदान करते हैं। 
  4. संकट (Threats) – ऐसे बाहरी कारक या परिस्थिति जो विद्यालय उद्देश्यों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं या लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधक होते हैं। 
 
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि एक सत्य स्वाॅट (SWOT) विश्लेषण सिर्फ एक व्यक्ति के द्वारा प्रभावशाली तरीके से नहीं किया जा सकता है। इसके लिए एक टीम या समूह के द्वारा किए गए प्रयासों की आवश्यकता होती है।

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